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हिमाचल सरकार ने खोला नौकरियों का पिटारा, भरे जाएंगे 2322 पद, जानिए कैबिनेट के बड़े फैसले

हिमाचल मंत्रिमंडल की बैठक मंगलवार को मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर की अध्यक्षता में शिमला में आयोजित की गई। बैठक में तीन मंत्री शामिल नहीं हुए। दो नवनियुक्त मंत्रियों में कोरोना पॉजिटिव सुखराम चौधरी, होम क्वारंटीन गोविंद ठाकुर और पीए के संक्रमित होने के कारण राकेश पठानिया बैठक में नहीं पहुंचे। बैठक में युवाओं के लिए नौकरियों का पिटारा भी खोला गया। युवाओं को रोजगार उपलब्ध करवाने के मकसद से कैबिनेट ने जल शक्ति विभाग में 2322 कार्यकर्ताओं के पदों को सरकार की नीति के तहत भरने का निर्णय लिया गया। इनमें  718 पैरा पंप ऑपरेटर, 162 पैरा फिटर और 1442 बहुउद्देश्यीय कार्यकर्ताओं की नियुक्ति का फैसला लिया गया। ये पैरा कार्यकर्ता 486 पेयजल और 31 सिंचाई योजनाओं में सेवाएं देंगे।

 

कैबिनेट मंत्री सुरेश भारद्वाज ने बैठक में लिए गए फैसलों की जानकारी दी। बैठक में राष्ट्रीय एंबुलेंस सर्विस-108 के संचालन के लिए विशेष अंतरिम उपाय के रूप में समझौता प्रावधानों के ऊपर प्रावधान करने और जीवीके-ईएमआरआई के करीब एक हजार कर्मचारियों को अंतरिम वेतन का भुगतान करने का निर्णय लिया गया।

 

कैबिनेट ने बिलासपुर जिला के झंडूता में लोक निर्माण विभाग का नया मंडल खोलने और विभाग के घुमारवीं मंडल के अंतर्गत बरठीं, झंडूता और कलोल को इसके नियंत्रण में लाने के अतिरिक्त आवश्यक पद सृजित करने का निर्णय लिया। कांगड़ा जिले के शाहपुर में नगर पंचायत बनाने की स्वीकृत दी है। इसके लिए सात पदों के सृजन को भी मंजूरी दी।

 

मंडी जिले की सरकाघाट नगर पंचायत को नगर परिषद में स्तरोन्नत करने का फैसला लिया है। वहीं, लॉकडाउन के दौरान 15. 77 करोड़ रुपये का नुकसान झेल चुके पुष्प उत्पादकों को सरकार ने बड़ी राहत दी है। कैबिनेट ने पुष्प उत्पादकों को वित्तीय सहायता प्रदान करने के लिए गाइडलाइन तैयार की है। इसके लिए चार करोड़ रुपये आवंटित किए जाएंगे।

 

जयराम मंत्रिमंडल ने मंगलवार की बैठक में टोल नीति 2020-21 की शर्त संख्या 2.14 के खंड 3 के तहत पिछले वित्त वर्ष के टोल पट्टे के लंबित बकाये को चुकाने वालों को नई नीलामी प्रक्रिया में भाग लेने की अनुमति दे दी है। पहले लंबित बकाये के चलते ऐसे लोगों को टेंडर प्रक्रिया में भाग लेने की अनुमति नहीं थी।

 

सुरेश भारद्वाज ने कहा कि पंचायती राज संस्थाओं और नगर पालिकाओं को लेकर कैबिनेट में विस्तृत प्रस्तुति दी गई। पंचायतों के पुनर्गठन और विभिन्न नगर परिषदों को नगर निगम बनाने का निर्णय लिया गया। वहीं, सरकार ने 7 से 18 सितंबर तक विधानसभा के मानसून सत्र कराने की तैयारी की है। हालांकि संसद सत्र के फैसले के बाद ही इसके आदेश जारी होंगे।

 

प्रदेश में मंदिरों को खोलने को लेकर 15 अगस्त के बाद फैसला लिया जाएगा। कैबिनेट ने हिमाचल प्रदेश युद्ध पुरस्कार अधिनियम-1972 की धारा-3 में संशोधन का निर्णय लिया ताकि युद्ध जागीरों का अनुदान पांच हजार रुपये से बढ़ाकर सात हजार रुपये प्रतिवर्ष किया जाए।

 

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